Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
भक्ति

संसार का संपूर्ण विस्मरण और परमात्मा का सतत् स्मरण ही मुक्ति है।

Complete forgetting of the world and continual remembrance of God is itself liberation.

— आराध्य सूत्र · #4563

इसी विषय के और सूत्र

सभी भक्ति →
हे जिनेन्द्र भगवान्! हे देवों के देव! बाल्यावस्था से आज तक आपके श्रीचरणों की सेवा में आसक्त शिष्यों को कल्पलता सम सेवा से जो काल व्यतीत हुआ है, आज उस सेवा का वह फल आपसे चाहता हूँ कि प्राणों के निकलते समय आपके नाम से सहित अक्षरों के पढ़ने में मेरा गला कुण्ठित न हो।
भक्ति