Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
भक्ति

जैसे आप संकट में साँस लेना और भोजन करना नहीं छोड़ते, उसी प्रकार कष्टों में भक्ति करना न छोड़ें। क्योंकि यदि आप भोजन छोड़ देंगे तो जिंदा न रह सकेंगे और भजन छोड़ देंगे तो ठीक से मर भी नहीं पायेंगे।

Just as you do not stop breathing and eating in a crisis, so do not give up devotion in hardships. For if you give up food you will not stay alive, and if you give up worship you will not even be able to die well.

— आराध्य सूत्र · #4551

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हे जिनेन्द्र भगवान्! हे देवों के देव! बाल्यावस्था से आज तक आपके श्रीचरणों की सेवा में आसक्त शिष्यों को कल्पलता सम सेवा से जो काल व्यतीत हुआ है, आज उस सेवा का वह फल आपसे चाहता हूँ कि प्राणों के निकलते समय आपके नाम से सहित अक्षरों के पढ़ने में मेरा गला कुण्ठित न हो।
भक्ति