Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
भक्ति

प्रार्थना जीभ से नहीं हृदय से होती है इसी से गूँगे, तोतले और मूढ़ भी प्रार्थना कर सकते हैं।

Prayer happens not with the tongue but with the heart; that is why even the mute, the stammering, and the simple can pray.

— आराध्य सूत्र · #4535

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हे जिनेन्द्र भगवान्! हे देवों के देव! बाल्यावस्था से आज तक आपके श्रीचरणों की सेवा में आसक्त शिष्यों को कल्पलता सम सेवा से जो काल व्यतीत हुआ है, आज उस सेवा का वह फल आपसे चाहता हूँ कि प्राणों के निकलते समय आपके नाम से सहित अक्षरों के पढ़ने में मेरा गला कुण्ठित न हो।
भक्ति