Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
भक्ति

हृदय की सच्ची प्रार्थना से हमें सच्चे कर्त्तव्य का पता चलता है, अन्त में तो कर्त्तव्य करना ही प्रार्थना बन जाती है।

Through the heart's true prayer we come to know our true duty; in the end, doing one's duty itself becomes prayer.

— आराध्य सूत्र · #4534

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हे जिनेन्द्र भगवान्! हे देवों के देव! बाल्यावस्था से आज तक आपके श्रीचरणों की सेवा में आसक्त शिष्यों को कल्पलता सम सेवा से जो काल व्यतीत हुआ है, आज उस सेवा का वह फल आपसे चाहता हूँ कि प्राणों के निकलते समय आपके नाम से सहित अक्षरों के पढ़ने में मेरा गला कुण्ठित न हो।
भक्ति