Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
भक्ति

पवित्र मन से पूजा करने वाला आज का पुजारी ही कल का परमात्मा है।

Today's worshipper who worships with a pure mind is tomorrow's God.

— आराध्य सूत्र · #4524

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हे जिनेन्द्र भगवान्! हे देवों के देव! बाल्यावस्था से आज तक आपके श्रीचरणों की सेवा में आसक्त शिष्यों को कल्पलता सम सेवा से जो काल व्यतीत हुआ है, आज उस सेवा का वह फल आपसे चाहता हूँ कि प्राणों के निकलते समय आपके नाम से सहित अक्षरों के पढ़ने में मेरा गला कुण्ठित न हो।
भक्ति