Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
भक्ति

जो जिनपूजा अनेक जन्म सम्बन्धी पापों को नष्ट कर देती है वह क्या प्राणियों के पूजा सम्बन्धी विधि से होने वाले पाप को नष्ट नहीं करेगी?

The worship of the Jina that destroys the sins of many births—will it not destroy the slight sin incurred in the ritual acts of that worship toward living beings?

— आराध्य सूत्र · #4523

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हे जिनेन्द्र भगवान्! हे देवों के देव! बाल्यावस्था से आज तक आपके श्रीचरणों की सेवा में आसक्त शिष्यों को कल्पलता सम सेवा से जो काल व्यतीत हुआ है, आज उस सेवा का वह फल आपसे चाहता हूँ कि प्राणों के निकलते समय आपके नाम से सहित अक्षरों के पढ़ने में मेरा गला कुण्ठित न हो।
भक्ति