Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
भक्ति

जिस प्रकार समवसरण में नरकगति के जीव नहीं जाते, उसी प्रकार मन्दिर जी में भावी नारकी जीव भी नहीं जाते हैं।

Just as beings destined for hell do not enter the samavasarana, so too future hell-bound beings do not enter the temple.

— आराध्य सूत्र · #4503

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हे जिनेन्द्र भगवान्! हे देवों के देव! बाल्यावस्था से आज तक आपके श्रीचरणों की सेवा में आसक्त शिष्यों को कल्पलता सम सेवा से जो काल व्यतीत हुआ है, आज उस सेवा का वह फल आपसे चाहता हूँ कि प्राणों के निकलते समय आपके नाम से सहित अक्षरों के पढ़ने में मेरा गला कुण्ठित न हो।
भक्ति