Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
भक्ति

भगवान् तो मात्र मन्दिर में मिलते हैं पर भगवान् बनने की भावना तो लोकाकाश के प्रत्येक प्रदेश में हो सकती है।

God is found only in the temple, but the aspiration to become divine can arise in every point of cosmic space.

— आराध्य सूत्र · #4020

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हे जिनेन्द्र भगवान्! हे देवों के देव! बाल्यावस्था से आज तक आपके श्रीचरणों की सेवा में आसक्त शिष्यों को कल्पलता सम सेवा से जो काल व्यतीत हुआ है, आज उस सेवा का वह फल आपसे चाहता हूँ कि प्राणों के निकलते समय आपके नाम से सहित अक्षरों के पढ़ने में मेरा गला कुण्ठित न हो।
भक्ति