Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
भक्ति

१०० काम छोड़कर स्नान, १००० काम छोड़कर भोजन, लाख काम छोड़कर प्रभु दर्शन और करोड़ काम छोड़कर सत्संग करना चाहिए।

Leaving a hundred tasks one should bathe, leaving a thousand tasks one should eat, leaving a hundred thousand tasks one should have darshan of the Lord, and leaving ten million tasks one should keep holy company.

— आराध्य सूत्र · #3973

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हे जिनेन्द्र भगवान्! हे देवों के देव! बाल्यावस्था से आज तक आपके श्रीचरणों की सेवा में आसक्त शिष्यों को कल्पलता सम सेवा से जो काल व्यतीत हुआ है, आज उस सेवा का वह फल आपसे चाहता हूँ कि प्राणों के निकलते समय आपके नाम से सहित अक्षरों के पढ़ने में मेरा गला कुण्ठित न हो।
भक्ति