Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
भक्ति

शिष्य को गुरु के पास आनंद प्राप्त न हो तो उसे दूसरे गुरु का आश्रय ले लेना चाहिए।

If a disciple finds no bliss with his guru, he should take refuge with another guru.

— आराध्य सूत्र · #2179

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हे जिनेन्द्र भगवान्! हे देवों के देव! बाल्यावस्था से आज तक आपके श्रीचरणों की सेवा में आसक्त शिष्यों को कल्पलता सम सेवा से जो काल व्यतीत हुआ है, आज उस सेवा का वह फल आपसे चाहता हूँ कि प्राणों के निकलते समय आपके नाम से सहित अक्षरों के पढ़ने में मेरा गला कुण्ठित न हो।
भक्ति