Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
भक्ति

संसार में भाई तो इस लोक में प्रीति उत्पन्न करता है किन्तु गुरु तो इसलोक परलोक दोनों में प्रीति उत्पन्न करते हैं।

In the world a brother creates affection in this life alone, but a guru creates affection in both this world and the next.

— आराध्य सूत्र · #2175

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हे जिनेन्द्र भगवान्! हे देवों के देव! बाल्यावस्था से आज तक आपके श्रीचरणों की सेवा में आसक्त शिष्यों को कल्पलता सम सेवा से जो काल व्यतीत हुआ है, आज उस सेवा का वह फल आपसे चाहता हूँ कि प्राणों के निकलते समय आपके नाम से सहित अक्षरों के पढ़ने में मेरा गला कुण्ठित न हो।
भक्ति