Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
भक्ति

तपस्वी का मुख मंडल ऐसा होना चाहिए कि जो तपस्वी नहीं है, वे भी तपस्या की ओर उन्मुख हो जाएँ।

An ascetic's face should be such that even those who are not ascetics turn toward austerity.

— आराध्य सूत्र · #2151

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हे जिनेन्द्र भगवान्! हे देवों के देव! बाल्यावस्था से आज तक आपके श्रीचरणों की सेवा में आसक्त शिष्यों को कल्पलता सम सेवा से जो काल व्यतीत हुआ है, आज उस सेवा का वह फल आपसे चाहता हूँ कि प्राणों के निकलते समय आपके नाम से सहित अक्षरों के पढ़ने में मेरा गला कुण्ठित न हो।
भक्ति