Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
भक्ति

पदार्थ का स्पर्श करते ही जिह्वा स्वाद को जान लेती है उसी प्रकार श्रद्धालु भी पलक झपकते ही सन्त को पहचान लेते हैं।

Just as the tongue knows a taste the moment it touches a substance, so the faithful recognize a saint in the blink of an eye.

— आराध्य सूत्र · #2147

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हे जिनेन्द्र भगवान्! हे देवों के देव! बाल्यावस्था से आज तक आपके श्रीचरणों की सेवा में आसक्त शिष्यों को कल्पलता सम सेवा से जो काल व्यतीत हुआ है, आज उस सेवा का वह फल आपसे चाहता हूँ कि प्राणों के निकलते समय आपके नाम से सहित अक्षरों के पढ़ने में मेरा गला कुण्ठित न हो।
भक्ति