Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
भक्ति

बुद्धिमान लोग गुरु का ऋण बहुत मानते हैं क्योंकि ऋण तो आसानी से लौटाए जा सकते हैं किन्तु ज्ञान का ऋण सबके लिए लौटाना सम्भव ही नहीं है।

Wise people acknowledge a deep debt to the guru, for ordinary debts can be repaid easily, but the debt of knowledge is impossible for anyone to repay.

— आराध्य सूत्र · #2126

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हे जिनेन्द्र भगवान्! हे देवों के देव! बाल्यावस्था से आज तक आपके श्रीचरणों की सेवा में आसक्त शिष्यों को कल्पलता सम सेवा से जो काल व्यतीत हुआ है, आज उस सेवा का वह फल आपसे चाहता हूँ कि प्राणों के निकलते समय आपके नाम से सहित अक्षरों के पढ़ने में मेरा गला कुण्ठित न हो।
भक्ति