Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
भक्ति

जो मनुष्य पुण्य के हेतु जिनालय में घण्टा देता है वह घण्टा आदि से सहित विमान को प्राप्त कर मुक्ति का वर होता है।

One who, for the sake of merit, donates a bell to a Jain temple attains a celestial vehicle complete with bells and the like, and gains liberation.

— आराध्य सूत्र · #1954

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हे जिनेन्द्र भगवान्! हे देवों के देव! बाल्यावस्था से आज तक आपके श्रीचरणों की सेवा में आसक्त शिष्यों को कल्पलता सम सेवा से जो काल व्यतीत हुआ है, आज उस सेवा का वह फल आपसे चाहता हूँ कि प्राणों के निकलते समय आपके नाम से सहित अक्षरों के पढ़ने में मेरा गला कुण्ठित न हो।
भक्ति