Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
भक्ति

जो भक्ति में तत्पर होता हुआ जिनालय में चंदोबा देता है वह निश्चित ही एक छत्र राज्य प्राप्त कर निर्वाण प्राप्त करता है।

One who, absorbed in devotion, donates a canopy to a Jain temple surely attains an undivided kingdom and then liberation.

— आराध्य सूत्र · #1953

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हे जिनेन्द्र भगवान्! हे देवों के देव! बाल्यावस्था से आज तक आपके श्रीचरणों की सेवा में आसक्त शिष्यों को कल्पलता सम सेवा से जो काल व्यतीत हुआ है, आज उस सेवा का वह फल आपसे चाहता हूँ कि प्राणों के निकलते समय आपके नाम से सहित अक्षरों के पढ़ने में मेरा गला कुण्ठित न हो।
भक्ति