Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
भक्ति

आपत्ति, दुःख और चिंताएँ इसलिए आती हैं कि परमात्मा को याद करने का समय निकाल सकें, आत्मदर्शन कर सकें तथा दूसरों के दुःखों का अनुभव कर सकें।

Calamity, sorrow and worries come so that we may find time to remember God, may behold the self, and may feel the sorrows of others.

— आराध्य सूत्र · #1962

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हे जिनेन्द्र भगवान्! हे देवों के देव! बाल्यावस्था से आज तक आपके श्रीचरणों की सेवा में आसक्त शिष्यों को कल्पलता सम सेवा से जो काल व्यतीत हुआ है, आज उस सेवा का वह फल आपसे चाहता हूँ कि प्राणों के निकलते समय आपके नाम से सहित अक्षरों के पढ़ने में मेरा गला कुण्ठित न हो।
भक्ति