Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
भक्ति

प्रभु से मत कहो समस्या विकट है, समस्या से कह दो कि मेरा प्रभु मेरे निकट है। यदि किसी समस्या को सुलझाया जा सकता है तो फिर चिन्ता करने की क्या जरूरत है और यदि नहीं सुलझाया जा सकता तो फिर चिन्ता करने से क्या फायदा है?

Do not tell the Lord your problem is great; tell your problem that your Lord is near. If a problem can be solved, what need is there to worry, and if it cannot be solved, what use is worry?

— आराध्य सूत्र · #1616

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हे जिनेन्द्र भगवान्! हे देवों के देव! बाल्यावस्था से आज तक आपके श्रीचरणों की सेवा में आसक्त शिष्यों को कल्पलता सम सेवा से जो काल व्यतीत हुआ है, आज उस सेवा का वह फल आपसे चाहता हूँ कि प्राणों के निकलते समय आपके नाम से सहित अक्षरों के पढ़ने में मेरा गला कुण्ठित न हो।
भक्ति