Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
भक्ति

श्रद्धा अंक और ज्ञान चारित्र शून्य के समान हैं, अंक के बिना सारे शून्य बेकार है।

Faith is like the digit and knowledge and conduct are like zeros; without the digit, all the zeros are worthless.

— आराध्य सूत्र · #798

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हे जिनेन्द्र भगवान्! हे देवों के देव! बाल्यावस्था से आज तक आपके श्रीचरणों की सेवा में आसक्त शिष्यों को कल्पलता सम सेवा से जो काल व्यतीत हुआ है, आज उस सेवा का वह फल आपसे चाहता हूँ कि प्राणों के निकलते समय आपके नाम से सहित अक्षरों के पढ़ने में मेरा गला कुण्ठित न हो।
भक्ति