Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
भक्ति

जैसे दरिद्री व्यक्ति स्वर्ण/रत्न को देखकर उठाने के लिए दौड़ता है वैसे ही सम्यग्दृष्टि साधु/रत्नत्रयधारी को देखकर दौड़ पड़ता है।

Just as a poor man runs to pick up gold or jewels at the sight of them, so one of right faith runs at the sight of a saint who bears the three jewels.

— आराध्य सूत्र · #746

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हे जिनेन्द्र भगवान्! हे देवों के देव! बाल्यावस्था से आज तक आपके श्रीचरणों की सेवा में आसक्त शिष्यों को कल्पलता सम सेवा से जो काल व्यतीत हुआ है, आज उस सेवा का वह फल आपसे चाहता हूँ कि प्राणों के निकलते समय आपके नाम से सहित अक्षरों के पढ़ने में मेरा गला कुण्ठित न हो।
भक्ति