Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
भक्ति

सौभाग्यशाली वे नहीं जिसके पास धन, दौलत और सुख के साधन हैं बल्कि सौभाग्यशाली वे हैं जिनके पास प्रभु भक्ति व आत्मकल्याण के लिए समय है।

The fortunate are not those who have wealth, riches and means of pleasure, but those who have time for devotion to the Lord and for their own soul's welfare.

— आराध्य सूत्र · #397

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हे जिनेन्द्र भगवान्! हे देवों के देव! बाल्यावस्था से आज तक आपके श्रीचरणों की सेवा में आसक्त शिष्यों को कल्पलता सम सेवा से जो काल व्यतीत हुआ है, आज उस सेवा का वह फल आपसे चाहता हूँ कि प्राणों के निकलते समय आपके नाम से सहित अक्षरों के पढ़ने में मेरा गला कुण्ठित न हो।
भक्ति