Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
भक्ति

जिस प्रकार प्राणरहित शरीर मृतक कहलाता है उसी प्रकार सम्यक्त्व से रहित मनुष्य चलता फिरता मृतक कहलाता है।

As a body without life is called dead, so a person devoid of right faith is called a walking corpse.

— आराध्य सूत्र · #378

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हे जिनेन्द्र भगवान्! हे देवों के देव! बाल्यावस्था से आज तक आपके श्रीचरणों की सेवा में आसक्त शिष्यों को कल्पलता सम सेवा से जो काल व्यतीत हुआ है, आज उस सेवा का वह फल आपसे चाहता हूँ कि प्राणों के निकलते समय आपके नाम से सहित अक्षरों के पढ़ने में मेरा गला कुण्ठित न हो।
भक्ति