Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
भाग 2 · अध्याय 2

जिनागम ज्ञान- मुक्तिपथ का वायु यान।

126 सूत्र · पृष्ठ 3 / 3

चञ्चल मन में विद्या और धर्म नहीं ठहरते हैं।
मन
ज्ञान की साधना करने वाला व्यक्ति संत बने या न बने श्रावक तो बन ही जाता है।
ज्ञान
नीति और ज्ञान कभी बासे नहीं होते हैं, ये उपयोग के विना पङ्गु है।
ज्ञान
व्यक्ति को लायक बनने में वर्षों लगते हैं, नालायक बनने के लिए एक क्षण ही काफी है।
चरित्र
जहाँ स्याद्वाद है वहाँ कोई विवाद नहीं, जहाँ एकान्तवाद है वहाँ विवाद है।
ज्ञान
मेहँदी से लाल रङ्ग बांटने पर निकलता है, उसी प्रकार अभ्यास करने पर आत्मा से ज्ञान निकलता है।
ज्ञान