Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
भाग 1 · अध्याय 72

पुरुषार्थों का मूल कारण – आरोग्य

122 सूत्र · पृष्ठ 3 / 3

अपनी उन्नति चाहने वाले पुरुषों को वही वस्तु खानी चाहिए, जो खाने योग्य हो, पच सके और पच जाने पर हितकारी हो।
स्वास्थ्य
शरीर के लिए औषधि की कोई आवश्यकता न हो, यदि खाया हुआ भोजन पच जाने के बाद ही दुबारा भोजन किया जाये एवं शान्ति पूर्वक किया हुआ भोजन ही दीर्घायु का सर्वोत्तम उपाय है।
स्वास्थ्य