Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
मन

आज संवेदना खत्म हो गयी है, अखबार में पढ़ते जाते हैं 'बाम्बे में विस्फोट पाँच सौ मौते', चाय की चुस्की लेते जा रहे हैं, लेकिन न प्याला छूटता, न आहार छूटता, न अखबार छूटता है।

Today sensitivity has died out: one reads in the newspaper 'Blast in Bombay, five hundred dead' while sipping tea — yet neither the cup is set down, nor the meal left, nor the newspaper put away.

— आराध्य सूत्र · #34

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आपके पास सिर्फ तीन ही चीजें हैं तन-मन और धन। अतः आप तन को अपने बीबी-बच्चों को दे देना, धन कुटुंब-कबीले को देना तो चल भी सकता है किन्तु 'मन' किसी को मत देना, मन तो मात्र परमात्मा के स्मरण में लगाना चाहिए।
मन