Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
मन

जीव का 'अपवित्र मन' ही प्रधान नरक है। उस मन की वेदना–चिंता, भय और अशान्ति ही नारकीय यातना है।

A being's 'impure mind' is the chief hell. The anguish of that mind—worry, fear and unrest—is itself the torment of hell.

— आराध्य सूत्र · #11

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आपके पास सिर्फ तीन ही चीजें हैं तन-मन और धन। अतः आप तन को अपने बीबी-बच्चों को दे देना, धन कुटुंब-कबीले को देना तो चल भी सकता है किन्तु 'मन' किसी को मत देना, मन तो मात्र परमात्मा के स्मरण में लगाना चाहिए।
मन