मन चिन्ता नहीं चिन्तन करो। Do not worry—contemplate. — आराध्य सूत्र · #32 0 – भेजें 🖼️ इमेज सेव करें · Save image card
निषेधात्मक दृष्टि कोण व्यक्ति को हताश किये बिना नहीं रहता, एवं सकारात्मक दृष्टिकोण व्यक्ति को संक्लेश से बचाता हैं। मन 0 – भेजें
आपके पास सिर्फ तीन ही चीजें हैं तन-मन और धन। अतः आप तन को अपने बीबी-बच्चों को दे देना, धन कुटुंब-कबीले को देना तो चल भी सकता है किन्तु 'मन' किसी को मत देना, मन तो मात्र परमात्मा के स्मरण में लगाना चाहिए। मन 0 – भेजें
जीव का 'अपवित्र मन' ही प्रधान नरक है। उस मन की वेदना–चिंता, भय और अशान्ति ही नारकीय यातना है। मन 0 – भेजें
अच्छी जीवन शैली के लिए आवश्यक है कि अगर हम गर्मी से बचने के लिए कमरे में एयर कंडीशनर का उपयोग कर रहे हैं तो दिमाग हीटर की तरह गर्म न रखें। मन 0 – भेजें