Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
चरित्र

राज्ञि धर्मिणि धर्मिष्ठा, पापे पापः समे समः। लोकास्त्वनुवर्त्तन्ते, यथा राजा तथा प्रजा।।

अर्थात् यदि राजा धार्मिक होता है तो प्रजा भी धार्मिक होती है और यदि राजा पापी होता है तो प्रजा भी पापी होती है, सम होने पर सम होती है, लोग तो अनुशरण करते हैं जैसा राजा होता है वैसी प्रजा होती है।

If the king is righteous the subjects too become righteous, and if the king is sinful the subjects too become sinful; when he is balanced they are balanced. People simply follow — as the king, so the people.

— आराध्य सूत्र

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