चरित्र आत्महित का पथ चर्चा प्रधान नहीं, चर्या प्रधान है। The path of self-welfare is governed not by discussion but by conduct. — आराध्य सूत्र · #17 0 – भेजें 🖼️ इमेज सेव करें · Save image card
बुद्धि, कुलीनता, इन्द्रिय निग्रह, शास्त्र ज्ञान, पराक्रम, अधिक न बोलना, शक्ति अनुसार दान देना और कृतज्ञता–ये आठ गुण पुरुष की ख्याति बढ़ा देते हैं। चरित्र 0 – भेजें
उपदेश भले ही थोड़ा हो पर जो उच्चारण में हो वही आचरण में हो, जो मुख में हो वही मन में हो, जो दिमाग में हो वही दिल में हो, जो जिह्वा में हो वही जीवन में हो। चरित्र 0 – भेजें