Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
चरित्र

विना छेद के मोती के समान तीर्थङ्कर का चारित्र होता है एवं यम रूप सामायिक चारित्र होता है।

A Tirthankar's conduct is like an unpierced pearl, and it is samayika conduct in the form of restraint (yama).

— आराध्य सूत्र · धवला पुस्तक प्रथम · #18

इसी विषय के और सूत्र

सभी चरित्र →