Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
चरित्र

तीर्थङ्कर के छेदोस्थापना वाला चारित्र नहीं होता, वे वर्धमान चारित्र वाले होते हैं।

A Tirthankar does not have re-established (chhedopasthapana) conduct; He has ever-increasing (vardhamana) conduct.

— आराध्य सूत्र · धवला पुस्तक प्रथम · #17

इसी विषय के और सूत्र

सभी चरित्र →