Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
क्षमा

कषाय करने से नरक निगोद के छाले पड़ते हैं, जैसे रेत मथने से मक्खन नहीं निकलता उल्टा हाथों में छाले पड़ते है।

By indulging in passions one gets the blisters of hell and nigod, just as churning sand yields no butter but instead raises blisters on the hands.

— आराध्य सूत्र · #18

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कोई भी प्राणी तुम्हारे द्वारा तिरस्कार के योग्य नहीं है, ये तो सब स्वतन्त्र पदार्थ हैं, इनसे तेरा सम्बन्ध क्या है? अपने क्रोध–मान–माया–लोभ का तिरस्कार तेजी से करो, इन्हीं कषायों ने तुझे भटका रखा है और दुःखी कर रखा है।
क्षमा