Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
ब्रह्मचर्य

सोलहवें स्वर्ग के देव काम सेवन नहीं करते, किन्तु मन में काम सेवन का विकल्प आते ही तृप्ति हो जाती है।

The gods of the sixteenth heaven do not indulge in sensual pleasure, yet the mere arising of a thought of it in the mind brings them satisfaction.

— आराध्य सूत्र · #9

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जिसने वैराग्य रूपी तलवार के द्वारा इन्द्रियरूपी चोरों को नष्ट कर दिया उसको स्वर्ग मोक्ष अवश्य प्राप्त होता है। वैराग्य के बिना शरीर को दण्डित करना व्यर्थ है। जब चित्रादि में निर्मित स्त्री मन में क्षोभ उत्पन्न करती है तब स्त्री के संसर्ग और वार्तालाप में मन एकाग्र कैसे रह सकता है?
ब्रह्मचर्य