Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
ब्रह्मचर्य

पराई स्त्री और पर धन जिसके मन को अपवित्र नहीं करते, गंगादि तीर्थ उसके चरण स्पर्श की अभिलाषा करते हैं।

One whose mind is not defiled by another's wife or another's wealth—holy rivers like the Ganges long to touch his feet.

— आराध्य सूत्र · #883

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जिसने वैराग्य रूपी तलवार के द्वारा इन्द्रियरूपी चोरों को नष्ट कर दिया उसको स्वर्ग मोक्ष अवश्य प्राप्त होता है। वैराग्य के बिना शरीर को दण्डित करना व्यर्थ है। जब चित्रादि में निर्मित स्त्री मन में क्षोभ उत्पन्न करती है तब स्त्री के संसर्ग और वार्तालाप में मन एकाग्र कैसे रह सकता है?
ब्रह्मचर्य