Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
मन

मन के हारे हार है- जापान का सेनापति तेगूलाङ्ग बड़ा चतुर था, अपनी सेना के मनोबल को कम देखकर उसने कहा कि देवी ने प्रसन्न होकर ये सिक्का दिया है, यदि दो बार उछालने पर चित्त आये तो अपनी जीत होगी सिक्का उछाला दोनो बार चित्त आया क्योंकि उसमें पट्ट था ही नहीं, सेना का हौसला बढ़ गया और कम सेना भी विशाल सेना से जीत गयी।

Defeat lies in the defeated mind: Japan's clever general Tegulang, seeing his army's morale low, said the Goddess had graciously given this coin—if it lands heads on two tosses, we will win. He tossed the coin; it came heads both times, because it had no tails at all. The army's spirit soared, and the small army defeated the vast army.

— आराध्य सूत्र · #17

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आपके पास सिर्फ तीन ही चीजें हैं तन-मन और धन। अतः आप तन को अपने बीबी-बच्चों को दे देना, धन कुटुंब-कबीले को देना तो चल भी सकता है किन्तु 'मन' किसी को मत देना, मन तो मात्र परमात्मा के स्मरण में लगाना चाहिए।
मन