Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
क्षमा

खम्मामि सव्व जीवाणं सव्वे जीवा खमन्तु मे। मैत्ती मे सव्वभूदेषु, वैरं मज्झं ण केणवि।।

मैं सब जीवों को क्षमा करता हूँ, सभी जीव मुझे क्षमा करें, मेरी सभी से मित्रता है किसी से भी बैर नहीं है।

I forgive all living beings, may all beings forgive me; I have friendship with all, and enmity with none.

— आराध्य सूत्र · #13

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कोई भी प्राणी तुम्हारे द्वारा तिरस्कार के योग्य नहीं है, ये तो सब स्वतन्त्र पदार्थ हैं, इनसे तेरा सम्बन्ध क्या है? अपने क्रोध–मान–माया–लोभ का तिरस्कार तेजी से करो, इन्हीं कषायों ने तुझे भटका रखा है और दुःखी कर रखा है।
क्षमा