खम्मामि सव्व जीवाणं सव्वे जीवा खमन्तु मे। मैत्ती मे सव्वभूदेषु, वैरं मज्झं ण केणवि।।
मैं सब जीवों को क्षमा करता हूँ, सभी जीव मुझे क्षमा करें, मेरी सभी से मित्रता है किसी से भी बैर नहीं है।
I forgive all living beings, may all beings forgive me; I have friendship with all, and enmity with none.
— आराध्य सूत्र · #13
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