Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
ब्रह्मचर्य

विवाह बाँध है- बाँध के चारों ओर सुदृढ़ दीवाल बनाई जाती है, और उसमें आपात कालीन गेट होता है उसी प्रकार विवाह भी चारो ओर से वासना रूपी जल को रोकने के लिये बाँध है, उसमें स्वदार सन्तोष रूप एक आपातकालीन गेट है, विवाह वासना का निमन्त्रण नहीं नियन्त्रण है।

Marriage is a dam: around a dam a strong wall is built with an emergency gate; likewise marriage too is a dam to hold back on all sides the waters of lust, with contentment in one's own spouse as its emergency gate. Marriage is not an invitation to lust but a restraint upon it.

— आराध्य सूत्र · #37

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जिसने वैराग्य रूपी तलवार के द्वारा इन्द्रियरूपी चोरों को नष्ट कर दिया उसको स्वर्ग मोक्ष अवश्य प्राप्त होता है। वैराग्य के बिना शरीर को दण्डित करना व्यर्थ है। जब चित्रादि में निर्मित स्त्री मन में क्षोभ उत्पन्न करती है तब स्त्री के संसर्ग और वार्तालाप में मन एकाग्र कैसे रह सकता है?
ब्रह्मचर्य