Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
ब्रह्मचर्य

भीष्म का ब्रह्मचर्य- भीष्म पिता ने पिता की प्रतिज्ञा में हानि न हो इसलिये पिता को धीवर की पुत्री में आसक्त जान आजीवन ब्रह्मचर्य का पालन किया था।

Bhishma's celibacy: Bhishma, knowing his father to be attached to a fisherman's daughter, and so that his father's word should not be broken, kept celibacy for life.

— आराध्य सूत्र · #33

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जिसने वैराग्य रूपी तलवार के द्वारा इन्द्रियरूपी चोरों को नष्ट कर दिया उसको स्वर्ग मोक्ष अवश्य प्राप्त होता है। वैराग्य के बिना शरीर को दण्डित करना व्यर्थ है। जब चित्रादि में निर्मित स्त्री मन में क्षोभ उत्पन्न करती है तब स्त्री के संसर्ग और वार्तालाप में मन एकाग्र कैसे रह सकता है?
ब्रह्मचर्य