Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
ब्रह्मचर्य

मैं आपका पुत्र हूँ- पन्ना नरेश राजा छत्रसाल से एकयुवती प्रभावित होकर बोली महाराज आप दुखियों के दुःख दूर करते हैं, मेरे कोई सन्तान नहीं है, आप जैसा पुत्र चाहिए, राजा ने कहा इसके लिए पाप करने की क्या जरूरत है ? मैं ही आपका पुत्र बन जाता हूँ चरणों में बैठ कर कहते हैं माँ आपका पुत्र आपकी जीवन भर सेवा करेगा, बोलिए क्या आज्ञा है ? नारी अवाक् रह गयी।

I am your son: a young woman, impressed by King Chhatrasal of Panna, said, 'Maharaj, you remove the sorrows of the distressed; I have no child, and I want a son like you.' The king said, 'What need is there of sin for that? I myself will become your son,' and sitting at her feet said, 'Mother, your son will serve you all his life; tell me, what is your command?' The woman was left speechless.

— आराध्य सूत्र · #31

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जिसने वैराग्य रूपी तलवार के द्वारा इन्द्रियरूपी चोरों को नष्ट कर दिया उसको स्वर्ग मोक्ष अवश्य प्राप्त होता है। वैराग्य के बिना शरीर को दण्डित करना व्यर्थ है। जब चित्रादि में निर्मित स्त्री मन में क्षोभ उत्पन्न करती है तब स्त्री के संसर्ग और वार्तालाप में मन एकाग्र कैसे रह सकता है?
ब्रह्मचर्य