मत्तेभकुम्भदलने भुवि सन्ति शूराः, केचित् प्रचण्डमृगराज वधेऽपि दक्षाः। किन्तु ब्रवीमि बलिनां पुरतः प्रसह्य, कन्दर्पदर्पदलने विरलाः मनुष्याः।।
पृथ्वी पर कुछ लोग हाथी का गण्डस्थल विदीर्ण करने में समर्थ हैं, कुछ सिंह का वध करने में भी समर्थ हैं, किन्तु मैं बलवानों के सामने कहता हूँ कि काम के मद का मर्दन करने वाले मनुष्य बिरले ही हैं।
On this earth some are able to split open an elephant's temple, some are even skilled at slaying a fierce lion; but I declare boldly before the strong: rare are the men who can crush the intoxication of lust.
— आराध्य सूत्र · #19
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