Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
ब्रह्मचर्य

उसी पत्थर से चक्की बनती है, तो पेट भरता है, मूर्ति बनती है तो पूजा होती है और यदि संस्कारित न हो तो उसी पत्थर से सिर भी फूटता है, उसी प्रकार यदि आत्मा ब्रह्मचर्य से संस्कारित हो, तो पूज्य होती है, अन्यथा दुर्गति में भटकती है।

From the same stone a millstone is made and fills the belly, an idol is made and is worshipped, but if left unrefined that same stone breaks a head; likewise, if the soul is refined by celibacy it becomes worthy of worship, otherwise it wanders in wretched states.

— आराध्य सूत्र · #11

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जिसने वैराग्य रूपी तलवार के द्वारा इन्द्रियरूपी चोरों को नष्ट कर दिया उसको स्वर्ग मोक्ष अवश्य प्राप्त होता है। वैराग्य के बिना शरीर को दण्डित करना व्यर्थ है। जब चित्रादि में निर्मित स्त्री मन में क्षोभ उत्पन्न करती है तब स्त्री के संसर्ग और वार्तालाप में मन एकाग्र कैसे रह सकता है?
ब्रह्मचर्य