Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
ब्रह्मचर्य

निर्दयता, अनार्यता, मूर्खता, अतिचञ्चलता, वाचालता और कुशीलता इतने दोष प्राय स्त्रियों में स्वभाविक होते हैं।

Cruelty, ignobility, foolishness, excessive fickleness, garrulousness and unchastity — these faults are commonly said to be natural in women.

— आराध्य सूत्र · #102

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जिसने वैराग्य रूपी तलवार के द्वारा इन्द्रियरूपी चोरों को नष्ट कर दिया उसको स्वर्ग मोक्ष अवश्य प्राप्त होता है। वैराग्य के बिना शरीर को दण्डित करना व्यर्थ है। जब चित्रादि में निर्मित स्त्री मन में क्षोभ उत्पन्न करती है तब स्त्री के संसर्ग और वार्तालाप में मन एकाग्र कैसे रह सकता है?
ब्रह्मचर्य