Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
ब्रह्मचर्य

राम के भाई भरत पूर्व भव में अचल चक्रवर्ती के पुत्र थे, अभिराम नाम था, तीन हजार रानियों के बीच रहकर चौसठ हजार वर्ष तक असिधारा ब्रह्मचर्य व्रत का पालन किया था।

Bharata, Rama's brother, was in a former birth the son of the chakravarti Achala, named Abhirama; living amidst three thousand queens, he kept the razor's-edge vow of celibacy for sixty-four thousand years.

— आराध्य सूत्र · #3

इसी विषय के और सूत्र

सभी ब्रह्मचर्य →
जिसने वैराग्य रूपी तलवार के द्वारा इन्द्रियरूपी चोरों को नष्ट कर दिया उसको स्वर्ग मोक्ष अवश्य प्राप्त होता है। वैराग्य के बिना शरीर को दण्डित करना व्यर्थ है। जब चित्रादि में निर्मित स्त्री मन में क्षोभ उत्पन्न करती है तब स्त्री के संसर्ग और वार्तालाप में मन एकाग्र कैसे रह सकता है?
ब्रह्मचर्य