Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
ब्रह्मचर्य

माया का अजायब( चिड़िया ) घर- एक थानेदार एक स्त्री में आसक्त हो गया, अत्यधिक प्रेम करने लगा, उसका ट्रांसफर हो गया, तो उसने स्त्री से कहा ! तू हमारे साथ चल, उसने मना कर दिया, थानेदार को मना करने का बड़ा खेद हुआ, एक महिला ने थानेदार को दुःखी देखकर, कारण पूँछा तो उसने अपनी प्रेमिका का हाल बता दिया, उस महिला ने थानेदार को परदे के भीतर खड़ा करके उस महिला से पूछा तूने अभी तक कितने लोगों से प्रेम किया है ? उसने लिस्ट बताई साठ-पैंसठ लोगों के नाम बताये, थानेदार का नाम नहीं आया, पूँछा तुम भूली तो नहीं हो ? चार-पाँच नाम फिर बताए तब भी नाम नही आया, पुनः पूँछा दो-तीन नाम बताये तब भी थानेदार का नाम नहीं आया, वह सब सुन रहा था, थानेदार को उससे विरक्ति हो गयी।

The wondrous menagerie of illusion: a police officer became infatuated with a woman and loved her deeply. When he was transferred he asked her to come with him; she refused, and he was greatly grieved. Another woman, seeing him sad, asked the reason, and he told her of his beloved. That woman had him stand behind a curtain and asked the beloved how many men she had loved so far; she listed sixty or sixty-five names — the officer's name did not appear. Asked if she had forgotten, she gave four or five more names, still not his; asked again, two or three more, and still his name did not come. He heard it all, and became detached from her.

— आराध्य सूत्र · #100

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जिसने वैराग्य रूपी तलवार के द्वारा इन्द्रियरूपी चोरों को नष्ट कर दिया उसको स्वर्ग मोक्ष अवश्य प्राप्त होता है। वैराग्य के बिना शरीर को दण्डित करना व्यर्थ है। जब चित्रादि में निर्मित स्त्री मन में क्षोभ उत्पन्न करती है तब स्त्री के संसर्ग और वार्तालाप में मन एकाग्र कैसे रह सकता है?
ब्रह्मचर्य