Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
ब्रह्मचर्य

मैथुन से सामाजिक हानि- स्त्री आसक्त व्यक्ति समाज की दृष्टि में अच्छा नहीं माना जाता है, राजा भी व्यसनी हो तो प्रजा उसे हटा देती है, वेश्या सेवी सातों व्यसन करता है एवं दुराचारी का समाज बहिष्कार करती है।

Social harm from lust: a man addicted to women is not regarded well by society; even a king, if addicted, is removed by his subjects; one who consorts with prostitutes practises all seven vices, and society boycotts the immoral man.

— आराध्य सूत्र · #96

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जिसने वैराग्य रूपी तलवार के द्वारा इन्द्रियरूपी चोरों को नष्ट कर दिया उसको स्वर्ग मोक्ष अवश्य प्राप्त होता है। वैराग्य के बिना शरीर को दण्डित करना व्यर्थ है। जब चित्रादि में निर्मित स्त्री मन में क्षोभ उत्पन्न करती है तब स्त्री के संसर्ग और वार्तालाप में मन एकाग्र कैसे रह सकता है?
ब्रह्मचर्य