Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
ब्रह्मचर्य

वीर्य रक्षा के उपाय- पवित्र सङ्कल्प, मातृभाव, दृष्टि को सम्भालना, सादा रहन सहन, सत्सङ्गति, योगासन, जिनेन्द्रभक्ति, सत्साहित्य का पठन-पाठन, व्यसन मुक्ति, उपवास, दृढ़ प्रतिज्ञा, प्राणायाम आदि।

Means of preserving virya: pure resolve, a motherly attitude (to women), guarding one's gaze, simple living, good company, yoga postures, devotion to the Jinendra, study of good literature, freedom from addictions, fasting, firm vows, pranayama, and so on.

— आराध्य सूत्र · #93

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जिसने वैराग्य रूपी तलवार के द्वारा इन्द्रियरूपी चोरों को नष्ट कर दिया उसको स्वर्ग मोक्ष अवश्य प्राप्त होता है। वैराग्य के बिना शरीर को दण्डित करना व्यर्थ है। जब चित्रादि में निर्मित स्त्री मन में क्षोभ उत्पन्न करती है तब स्त्री के संसर्ग और वार्तालाप में मन एकाग्र कैसे रह सकता है?
ब्रह्मचर्य