Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
ब्रह्मचर्य

उपवास से ब्रह्मचर्य पाला- एक महिला की शादी के कुछ दिन बाद पति मर गया, कुछ समय बाद सास भी मर गयी, ससुर ने सोचा बहु को खराब न लगे इसलिये श्रृंगार का सामान और अच्छा भोजन बहु के लिये उपलब्ध कराया, गरिष्ट भोजन से बहु के परिणाम बिगड़ गये, उसने ससुर से कहा कि हमसे अकेले नहीं रहा जाता, ससुर को चिन्ता हुई, सोचा गलती हमने की है, कि बहु के आहार का ध्यान नहीं रखा, ससुर ने उपवास करना शुरू किये, बहु ने भी उपवास किये, कुछ समय बाद जब इन्द्रियाँ शिथिल हुयी, तो ब्रम्हचर्य का पालन होने लगा।

Celibacy kept through fasting: a few days after a woman's marriage her husband died, and soon her mother-in-law too. The father-in-law, so the widow should not feel deprived, provided her cosmetics and rich food; the rich food disturbed her disposition and she told him she could not bear to live alone. Troubled, he realized his own mistake in feeding her heavy food; he began to fast, and she fasted too; after some time, when the senses were subdued, celibacy came to be kept.

— आराध्य सूत्र · #79

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जिसने वैराग्य रूपी तलवार के द्वारा इन्द्रियरूपी चोरों को नष्ट कर दिया उसको स्वर्ग मोक्ष अवश्य प्राप्त होता है। वैराग्य के बिना शरीर को दण्डित करना व्यर्थ है। जब चित्रादि में निर्मित स्त्री मन में क्षोभ उत्पन्न करती है तब स्त्री के संसर्ग और वार्तालाप में मन एकाग्र कैसे रह सकता है?
ब्रह्मचर्य