Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
ब्रह्मचर्य

शादी में सात फेरे लगाये जाते हैं, अर्थात् सात प्रकार का संसार परिभ्रमण करना पड़ता है, एकेन्द्रिय के सूक्ष्म, बादर दो-तीन-चार इन्द्रिय, असंज्ञी और संज्ञी के भेद से सात भेद होते हैं या तो संसार के चक्कर काटो अथवा मुनि बनकर कर्म काटो।

In marriage seven rounds are taken, meaning one must wander through seven kinds of worldly existence — subtle and gross one-sensed beings, two-, three-, four-sensed, and the non-sentient and sentient five-sensed. Either keep circling through samsara, or become a muni and cut through karma.

— आराध्य सूत्र · #66

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जिसने वैराग्य रूपी तलवार के द्वारा इन्द्रियरूपी चोरों को नष्ट कर दिया उसको स्वर्ग मोक्ष अवश्य प्राप्त होता है। वैराग्य के बिना शरीर को दण्डित करना व्यर्थ है। जब चित्रादि में निर्मित स्त्री मन में क्षोभ उत्पन्न करती है तब स्त्री के संसर्ग और वार्तालाप में मन एकाग्र कैसे रह सकता है?
ब्रह्मचर्य