Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
ब्रह्मचर्य

स्वप्न में गृहस्थी- एक सन्यासी पानी पीकर कुंए के पत्थर पर सो गया, उसने स्वप्न में देखा कि मैं अपनी स्त्री बच्चों के साथ सो रहा हूँ, इतने में स्त्री ने कहा थोड़ा खिसको गर्मी लग रही है, थोड़ी देर में पत्नी ने पुनः कहा थोड़ा और खिसको बच्चा पसीना-पसीना हो रहा है, जैसे ही सन्यासी खिसका तो कुंए में गिर गया, चिल्लाया तो किसान दौड़ कर आया और सन्यासी को बाहर निकाला, पूँछा आप कुंए में कैसे गिर गये थे? सन्यासी ने कहा स्वप्न में थोड़ी देर के लिये स्त्री के साथ सोया तो कुंए में गिर गया, जो लोग जीवन भर स्त्री के साथ सोते हैं तो क्या वे नरक रुपी कुंए में नहीं गिरेंगे?

Householder life in a dream: A sanyasi drank water and slept on the stone rim of a well. In a dream he saw himself sleeping with his wife and children; the wife said, "Move over a little, it's hot," and shortly after, "Move over a bit more, the child is drenched in sweat." As the sanyasi moved over, he fell into the well; he cried out, a farmer ran up and pulled him out and asked, "How did you fall into the well?" The sanyasi said, "I slept with a woman for a little while in a dream and fell into the well; will those who sleep with a woman their whole life not fall into the well of hell?"

— आराध्य सूत्र · #62

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जिसने वैराग्य रूपी तलवार के द्वारा इन्द्रियरूपी चोरों को नष्ट कर दिया उसको स्वर्ग मोक्ष अवश्य प्राप्त होता है। वैराग्य के बिना शरीर को दण्डित करना व्यर्थ है। जब चित्रादि में निर्मित स्त्री मन में क्षोभ उत्पन्न करती है तब स्त्री के संसर्ग और वार्तालाप में मन एकाग्र कैसे रह सकता है?
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