Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
ब्रह्मचर्य

पाकं त्यागं विवेकं च, वैभवं मानितामपि। कामार्त्तः खलु मुञ्चन्ति, किमन्यैः स्वञ्च जीवितं।।

कामी मनुष्य भोजन, संयम, विवेक, वैभव, स्वाभिमान यहाँ तक कि अपना जीवन भी नष्ट कर देता है।

The lustful man destroys food, self-restraint, discernment, prosperity, self-respect - and even his own life.

— आराध्य सूत्र · #37

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जिसने वैराग्य रूपी तलवार के द्वारा इन्द्रियरूपी चोरों को नष्ट कर दिया उसको स्वर्ग मोक्ष अवश्य प्राप्त होता है। वैराग्य के बिना शरीर को दण्डित करना व्यर्थ है। जब चित्रादि में निर्मित स्त्री मन में क्षोभ उत्पन्न करती है तब स्त्री के संसर्ग और वार्तालाप में मन एकाग्र कैसे रह सकता है?
ब्रह्मचर्य